चीनी कितना?

[Representative photo. Duely not relevant by any means.] 
"कुछ बातें हिंदी में ही कही जा सकती हैं."
SATIRE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित बातचीत के मुख्य अंश

दस्तक

फॉर द डेस्क ऑफ -
महामहिम वेन जियाबाओ

[चीन के तत्कालीन प्रीमियर के नाम अपनी चिट्ठी में…]

मि. प्रीमियर,

[…अरविंद अडिगा के उपन्यास में बलराम हलवाई लिखते हैं]

सर,

न तो आप,

न मैं,

अंग्रेजी बोलते हैं,

[शायद, बोल सकते हैं/बोल पाते हैं, भी]

लेकिन कुछ बातें अंग्रेजी में ही कही जा सकती हैं.

फ्रॉम द डेस्क ऑफ -
द व्हाइट टाइगर, अ थिंकिंग मैन

[आखिर, ये अंग्रेजी का असर नहीं तो और क्या है?

मौजूदा प्रीमियर को तो

‘मि. इलेवन’

समझ लिया जाता है]

बैठक

DISCLAIMER:This is a pure work of fiction. All the names, characters, businesses, places, events and incidents are either the products of the author’s imagination or used in a fictitious manner. Any resemblance to actual persons, living or dead, or actual events is purely coincidental. Hereby, it is said that there is no intention of mocking anybody's prestige or hurt at heart anyone, anyways.

मि. मोदी – कैसे हैं आप?

मि. जिनपिंग – मां कैसी हैं?

[इशारों में दोनों बताते हैं - सब ठीक है]

मि. मोदी – और घर में सब?

मि. जिनपिंग – घर में सब ठीक है, पर

मि. मोदी – पर जिनपिंग जी?

मि. जिनपिंग – आपके घर में?

[इशारा, बेटे के चलते सुर्खियों में रहे राजनाथ की ओर]

मि. मोदी – जी सब कुशल मंगल.

[मंगल सुनते ही ध्यान दूसरी तरफ चला जाता है]

मि. जिनपिंग – और मार्स मिशन का क्या हाल है?

मि. मोदी – वहां भी अच्छे दिन आने वाले हैं

[जिनपिंग चुप रहते हैं, फिर]

मि. जिनपिंग – वैसे आप काफी पॉजिटिव सोचते हैं.

[टेबल पर एक गिलास है. उसमें आधा गिलास पानी है. दोनों ध्यान से देखते हैं]

[Representative photo. Duely not relevant by any means.]
मि. मोदी – जी!

मि. जिनपिंग – और आपकी मुहिम कैसी चल रही है?

[तभी, चाय आती है]

मि. मोदी – कौन सी?

मि. जिनपिंग – अरे वही - ‘कम, मेक इन इंडिया’

मि. मोदी – आप भी आइए, मोस्ट वेलकम.

मि. जिनपिंग – क्या मतलब!

[चाय का प्याला जिनपिंग की तरफ बढ़ाते हुए]

मि. मोदी – चीनी कितना?

[कुछ बातें हिंदी में ही कही जा सकती हैं]

मि. जिनपिंग – जी?

[चीनी कम?]

रुख़सत

[सेना मुख्यालय में एक संदेश गूंजता है. डिस्प्ले बोर्ड पर भी]

"हमें युद्ध के लिए तैयार रहना है. मेरा मतलब क्षेत्रीय युद्ध से है."

[जोश से भरपूर आवाज गूंजती है]

सेना – सर!

[तभी बोर्ड पर नीचे स्क्रॉल चलता है,

डिस्क्लेमर

इस बयान के सारे पात्र काल्पनिक हैं.

किसी भी मुल्क को इस संदर्भ में,

जोड़ा जाना, या,

समझा जाना,

महज एक संयोग हो सकता है]

मि. जिनपिंग – हेलो, बीजिंग से बोल रहा हूं.

[फोन कोई अफसर रिसीव करता है]

अफसर – हेलो... हेलो कौन?

मि. जिनपिंग – हेलो, मोदी जी से बात हो सकती है?

अफसर – नहीं सर. सर थोड़ा व्यस्त हैं.

[दरअसल, मंगल से कुछ मेहमान आने वाले हैं]

अफसर – हेलो सर. क्या बता दूंगा?

[फोन डिस्कनेक्ट हो जाता है]

# मृगाङ्क शेखर

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