खुद भले मैदान में न हों, पर बहुतों को चुनाव लड़ा रही हैं प्रियंका गांधी वाड्रा

प्रियंका गांधी वाड्रा ने वाराणसी से अपने चुनाव लड़ने संबंधी बातों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन उन्हें पार्टी आलाकमान की ओर से अनुमति नहीं मिली. इस खबर के बाद प्रियंका ने एनडीटीवी से कहा कि हमेशा से उनका ध्‍यान अमेठी और रायबरेली पर रहा है और अब भी इसमें कोई बदलाव नहीं आया है.

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वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के बयान के बाद प्रियंका के वाराणसी के जंग में सक्रिय होने के कयास लगाए जाने लगे थे. बाद में प्रियंका ने इस बात का भी खंडन कर दिया.

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इस बीच प्रियंका गांधी पर उनकी चाची और बीजपी नेता मेनका गांधी काफी भड़की हुई हैं. जब ऐसी दो हस्तियों में सीधे संवाद नहीं होते तो मीडिया सूत्रधार बन जाता है. गाहे बगाहे नेता इसके लिए मीडिया को प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल करते भी रहते हैं. आइए हाल की इस परोक्ष नोक झोंक पर नजर डालते हैं.
वे (वरुण गांधी) मेरे परिवार के हैं। मेरे भाई हैं, लेकिन रास्ता भटक गए हैं। परिवार का कोई छोटा जब रास्ता भटकता है तो बड़े बुजुर्ग उन्हें सही रास्ता दिखाते हैं। मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं, मेरे भाई को सही रास्ता दिखाएं.’
- प्रियंका गांधी, राहुल गांधी की बहन
‘यदि देश की सेवा करना ही रास्ते से भटकना है तो फिर इस देश की जनता ही (चुनाव के बाद) यह तय करेगी कि कौन रास्ते से भटक गया है.’
- मेनका गांधी, बीजेपी नेता
इस विवाद की नींव उस वक्त पड़ी जब मेनका के बेटे और बीजेपी नेता वरुण गांधी ने एक जगह अपने चचेरे भाई और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का जिक्र कर दिया.
‘हमें विकास के लिए लघु उद्योगों की जरूरत है, उसी तरह जैसे राहुल जी ने अमेठी में स्व-सहायता समूह बनाए हैं.'
- वरुण गांधी, बीजेपी नेता
राहुल गांधी ने भी लगे हाथ भाई की बात पर प्रतिक्रिया दे डाली.
'वरुण जो कह रहे हैं, वह सही है। अमेठी में काफी काम हुआ है.'
- राहुल गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष
'मेनका गांधी को ये पूरा वाकया बेहद नागवार गुजरा और उन्होंने खुद स्टैंड ले लिया.
'वरुण सीधा है। मैं अमेठी गई हूं। वहां विकास का नामोनिशान नहीं है.'
- मेनका गांधी, बीजेपी नेता
'मौका देखकर बीजेपी नेता स्मृति इरानी भी कूद पड़ीं.
'क्या प्रियंका यह चाहती हैं कि उनके भाई (वरुण) टूजी और कोयला घोटालों के रास्ते पर चलें?'
- स्मृति ईरानी, अमेठी में
स्मृति इरानी बीजेपी की ओर से राहुल गांथी के खिलाफ अमेठी से चुनाव मैदान में उतर रही हैं. अमेठी की जंग में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास पहले से ही इलाके में डेरा डाले हुए हैं.

रुख़सत

खबरों के मुताबिक प्रियंका ने सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही 20 उम्मीदवार बदले हैं. बताया जा रहा है कि ऐसा उन्होंने पार्टी महा सचिव मधूसुदन मिस्त्री की सलाह पर किया.
नवभारत टाइम्स की इस खबर में आगे कहा गया है कि प्रियंका ने पूरे देश में करीब 100 उम्मीदवार बदल दिए. खुले तौर पर न सही, पर इतना तो साफ है कि इस चुनाव में प्रियंका का रोल सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कम अहम नहीं है.

1 comment:

  1. यह बात तो सही है कि जब दो नामचीन हस्तियों में सीधे संवाद नहीं होते तो मीडिया सूत्रधार बन जाता है। उसके बाद जब कोई अनुचित बयानवाजी हो जाती है तो उसका ठीकरा भी मीडिया के सिर यह कहकर फोड़ दिया जाता है कि उसने इसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया है।

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