माधुरी दीक्षित, गायज़ (Guys) और फेसबुक

हमारी प्यारी अदाकारा Madhuri Dixit - Nene "गायज़ (Guys)" का बड़ा ख्याल रखती हैं!
अभी थोड़ी देर पहले (3 फरवरी 2014) सुबह 9:30 बजे "गायज़" को संबोधित उनका एक पोस्ट चमका, तो कौतूहल पैदा हुआ (आकर्षण भी) और मैं उनके पेज पर चला गया।
ख़ूबसूरत तस्वीरों से सुसज्जित उनके कई पोस्ट देखने के बाद मुझे लगा कि सिर्फ़ "बचपन की पचपन कविताएं" लिखने से काम नहीं चलेगा। "यौवन की पचपन कविताएं" भी लिखनी पड़ेगी, अगर इससे हिन्दी कविता का मक़बूल फिदा हुसेन बन जाने का ख़तरा न हो तो!

बहरहाल, मैं कह रहा था कि हमारी प्यारी अदाकारा माधुरी दीक्षित "गायज़ (Guys)" का बड़ा ख्याल रखती हैं। इस संदर्भ में उनके कुछेक पोस्ट उल्लेखनीय हैं। एक पोस्ट में 27 जनवरी की रात 11:31 बजे वे "गायज़ (Guys)" को गुड नाइट बोलकर सो गईं। लिखा- Good night guys. और इसपर पोस्ट लिखे जाने तक 1,49,071 "बैल्ज़ (बैलों)" के लाइक्स, 2910 "बैल्ज़ (बैलों)" के शेयर्स और 4898 "बैल्ज़ (बैलों)" के कमेंट्स आ गए।

इसके बाद उन्होंने 29 जनवरी की सुबह 10:15 बजे "गायज़ (Guys)" को गुड मॉर्निंग भी बोला। लिखा- Good morning guys. इसके आगे एक स्माइली भी लगाई। इसका मतलब है कि वे "गायज़ (Guys)" को गुड मॉर्निंग बोलते हुए मुस्कुरा रही थीं। हालांकि गुड नाइट बोलते हुए वे नहीं मुस्कुरा रही थीं, क्योंकि उस वक्त उन्होंने स्माइली नहीं लगाया था। बहरहाल, उनके गुड मॉर्निंग गायज़ वाले पोस्ट पर 2,89,193 "बैल्ज़ (बैलों)" ने लाइक्स, 6525 "बैल्ज़ (बैलों)" ने शेयर और 10,919 "बैल्ज़ (बैलों)" ने कमेंट्स दिए।

दोस्तो, इससे क्या पता चलता है? बता सकते हैं?
माधुरी 29 जनवरी को जब सोकर उठीं और गायज़ (Guys) को गुड मॉर्निंग बोला, उसके तीन दिन बाद 1 फरवरी को सुबह 9:25 बजे उन्होंने गायज़ (Guys) का हाल-चाल पूछने के लिए फुर्सत पायी। उन्होंने लिखा- How r u guys? इसपर भी 1,50,106 "बैल्ज़ (बैलों)" ने लाइक, 4051 "बैल्ज़ (बैलों)" ने शेयर और 7638 "बैल्ज़ (बैलों)" ने कमेंट दिए।
1- माधुरी दीक्षित गायज़ (Guys) से बड़ा प्यार करती हैं।
2- माधुरी दीक्षित जब गायज़ (Guys) को संबोधित करतीं हैं तो बैल्ज़ झूम उठते हैं।
3- माधुरी दीक्षित गुड मॉर्निंग बोलते हुए मुस्कुराती हैं, लेकिन गुड नाइट बोलते हुए नहीं मुस्कुरातीं।
4- माधुरी दीक्षित का सोना उतने "बैल्ज़ (बैलों)" को पसंद नहीं है, जितने "बैल्ज़ (बैलों)" को उनका जगे रहना।
5- ज़्यादा बैल्ज़ यह चाहते हैं कि माधुरी दीक्षित जगी रहें और मुस्कुराती रहें।
6- माधुरी दीक्षित जब सोती हैं तो डेढ़ दिन (अथवा दो रातें एक दिन) इकट्ठा सो लेती हैं। क्योंकि 27 जनवरी की रात 11:31 बजे जो गुड नाइट बोला, तो सीधा 29 जनवरी की सुबह 10:15 बजे गुड मॉर्निंग बोला।
7- माधुरी दीक्षित इतना सो लेती हैं, इसका मतलब उनके जीवन में तनाव कम है और वे मिस्टर नेने के साथ सुखी जीवन जी रही हैं। कल 2 फरवरी को सुबह-सुबह 9:40 बजे पोस्ट की गई मिस्टर नेने के साथ उनकी एक तस्वीर से भी इसकी पुष्टि होती है।
8- अगर इक्कीसवीं सदी में कामकाजी माधुरी दीक्षित इकट्ठा डेढ़ दिन सो सकती हैं, तो रामायण काल में निठल्ला कुंभकर्ण छह महीने इकट्ठा क्यों नहीं सो सकता था, सो रामायण की कुंभकर्ण वाली कहानी सच्ची प्रतीत होती है।
9- आजकल के बैल्ज़ अपने को गायज़ समझते हैं। उनका लिंगबोध गड़बड़ा गया है।
10- बैल्ज़ को चिढ़ाना हो तो उन्हें लाल कपड़ा दिखाइए, रिझाना हो तो उन्हें गायज़ कहिए।
11- माधुरी दीक्षित सिर्फ़ गायज़ से प्यार करती हैं। किसी भी पोस्ट में उन्होंने गर्ल्ज़ को संबोधित नहीं किया है।
12- बाबा रामदेव बता सकते हैं कि माधुरी दीक्षित पूरी तरह से स्वस्थ हैं, उन्हें कोई मनोरोग नहीं है, लेकिन भारत का मीडिया और स्त्रीवादी कह सकते हैं कि माधुरी दीक्षित स्त्री होकर भी स्त्री-विरोधी एवं लिंगभेदी हैं।

इन एक दर्जन बातों के अलावा और भी कई बातें मुझे पता चल गई हैं, लेकिन कुछ बातें आप लोगों पर छोड़ता हूं।

यह भी बता दूं कि माधुरी दीक्षित 29 जनवरी को जब सोकर उठीं और गायज़ (Guys) को गुड मॉर्निंग बोला, उसके तीन दिन बाद 1 फरवरी को सुबह 9:25 बजे उन्होंने गायज़ (Guys) का हाल-चाल पूछने के लिए फुर्सत पायी। उन्होंने लिखा- How r u guys? इसपर भी 1,50,106 "बैल्ज़ (बैलों)" ने लाइक, 4051 "बैल्ज़ (बैलों)" ने शेयर और 7638 "बैल्ज़ (बैलों)" ने कमेंट दिए।

उसके बाद आज फिर सुबह 9:30 बजे उन्होंने गायज़ (Guys) को गुड मॉर्निंग बोला है। जब मैंने पोस्ट लिखना शुरू किया था, तब तक 70 हज़ार बैल्ज़ के लाइक्स आए थे। अब जबकि लिखना बंद करने वाला हूं, तब तक 1,20,000 से ज़्यादा लाइक्स आ चुके हैं।

लेकिन मुझे चिंता इस बात की हो रही है कि मधुर-मधुर माधुरी 29 जनवरी की सुबह जो उठीं, तो अब तक सोई क्यों नहीं हैं? और अगर सोईं, तो क्या अपने प्यारे-प्यारे गायज़ (Guys) को बिना गुड नाइट बोले सो गई थीं? हाय राम! यह तो ग़ज़ब हो गया!
# अभिरंजन कुमार [लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं । ये उनके निजी विचार हैं]

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